काश्मीर बना जीरापुर तालाब04/18/2013 08:42PM
धार। जिले के नालछा, बगड़ी व मांडू क्षेत्र में गुरूवार को मावठे की बारिश ने जमकर कहर बरपाया। बगड़ी में दोपहर डेढ़ बजे से बारिश शुरू हुई, जो रात आठ बजे तक जारी थी। तेज बारिश व हवा, आंधी से मांडू और जीरापुर में रामनवमीं पर लगने वाले मेले की 100 दुकानें तबाह हो गई। इतना ही नहीं करीब 10 बार ओले गिरने से जीरापुर तालाब में डेढ़ फीट तक बर्फ जम गई। जीरापुर में काश्मीर जैसे हालात बनने से लोग हैरान है। जीरापुर में चैसठ जोगिनी माता के मंदिर में लगने वाले मेले में आए हजारों श्रद्धालु फंस गए। मेले में गुरूवार को भजन संध्या होनी थी, लेकिन उसे निरस्त करना पड़ा। अभी तक जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। मांडू क्षेत्र के 40 गांवों की बिजली बंद है। यहां राम मंदिर परिसर में लगे मेले में आए व्यापारियों को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बगड़ी में इतनी तेज बारिश हुई कि यहां का तालाब 75 प्रतिशत भर चुका है। बगड़ी में नींबू के आकार इतने बड़े ओले गिरे। कई स्थानों पर वैवाहिक समारोह थे, जिन्हें निरस्त करना पड़ा। इधर, नालछा में भी जमकर आंधी तूफान के साथ ओले गिरे और तेज बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। मिली जानकारी के अनुसार मांडू के प्रसिद्ध चतुर्भुज श्रीराम मंदिर में रामनवमी पर अनेक आयोजनों की तैयारी की जा रही थी, जो मावठे की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुई है। खबर लिखे जाने तक क्षेत्र में आफत की बारिश जारी थी।
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