केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही ऐसा हे, जो हमारे दुः खो को सदा के लिए नष्ट कर सकता है। - स्वामी विवेकानंद



प्रशासनिक

स्किल डेव्हलपमेंट के जरिये पर्यटन के क्षेत्र में नये अवसर सृजित
04/15/2013 04:03PM

मध्यप्रदेश को पर्यटक मित्र प्रदेश के रूप में स्थापित करने तथा पयर्टकों को बेहतर गुणवत्ता एवं व्यवहार के साथ सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग द्वारा स्किल डेव्हलपमेंट के जरिये युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। हुनर-से-रोजगार पर्यटन निगम के 19 होटल के माध्यम से हुनर से रोजगार कार्यक्रम संचालित किया गया। इसमें वर्ष 2012-13 में 915 व्यक्ति को प्रशिक्षण दिया गया। प्रदेश के युवाओं को हॉस्पिटेलिटी के क्षेत्र की विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण देने के लिए मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा इंदौर में (एस.आई.एच.एम.) होटल प्रबंधन संस्थान स्थापित किया गया है। हॉस्पिटेलिटी के क्षेत्र में सर्विस प्रोवाईडर एवं फ्रेशर्स को प्रशिक्षण देने के लिए एम.पी.आई.एच.टी. (इंस्टीट्यूट ऑफ हास्पिटेलिटी ट्रेनिंग) स्थापित किया गया है। इसके तहत इग्नू के सहयोग से अनेक कोर्सेस जैसे 6 माह का सर्टिफिकेट कोर्स, पी.जी. डिप्लोमा इन होटल ऑपरेशन का 6 माह का सर्टिफिकेट कोर्स, अनुसूचित जनजाति के युवक-युवतियों के लिए शार्ट टर्म हास्पिटेलिटी कोर्सेस आदि आयोजित किए जा रहे हैं। पी.जी. डिप्लोमा इन होटल ऑपरेशन में 49, सर्टिफिकेट कोर्स इन फ्रंट आफिस ऑपरेशन में 174, सर्टिफिकेट कोर्स इन फूड एण्ड बेवरेजेस ऑपरेशन में 142, सर्टिफिकेट कोर्स इन हाऊस कीपिंग ऑपरेशन में 89, अनुसूचित जनजाति के युवक-युवतियों के लिए शार्ट टर्म हास्पिटेलिटी कोर्सेस में 256, डीपीआईपी के सहयोग से शार्ट टर्म स्पॉन्सर्ड कोर्स के तहत 110 तथा स्व-सहायता समूहों के 20 सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके अतिरिक्त प्रदेश में युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए भारत सरकार द्वारा हुनर-से-रोजगार कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य 18 से 28 वर्ष के युवाओं को फूड एण्ड बेवरेजेस एण्ड हाऊसकीपिंग मल्टीस्किल कोर्सेस के लिए प्रशिक्षित किया जाना है। इसके अलावा जबलपुर एवं रीवा में फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट खोले जा रहे हैं। भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त कर इन संस्थानों का निर्माण कार्य प्रारंभ है। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा विभिन्न पर्यटन स्थलों पर कार्यरत 79 गाइडस का आई.आई.टी.टी. ग्वालियर के माध्यम से रिफ्रेशर प्रशिक्षण करवाया गया। जंगल इकाइयों में पर्यटकों को प्रकृति की अधिक जानकारी उपलब्ध करवाने की दृष्टि से 15 व्यक्तियों को प्राकृतिकविद् संबंधी प्रशिक्षण भारतीय वन प्रबंध संस्थान, भोपाल द्वारा दिलवाया गया है।

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