केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही ऐसा हे, जो हमारे दुः खो को सदा के लिए नष्ट कर सकता है। - स्वामी विवेकानंद



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प्रभावित परिवारों की मदद की पहल करेगी सरकार- मुख्यमंत्री
04/15/2013 04:01PM

सर्वधर्म समभाव की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज यहां मुख्यमंत्री निवास में भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव समारोह पारंपारिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशभर से आमंत्रित सिन्धी समाज के सदस्यों को चैती चांद की शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर सिन्धी समाज की ओर से मुख्यमंत्री का अभिनन्दन किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य शासन विस्थापन की समस्या से जूझ रहे सिन्धी परिवारों की हर संभव सहायता की पहल करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के अंतर्गत सिन्धु दर्शन यात्रा‘ को भी शामिल किया जायेगा। इसमें वृद्धजन होने का बंधन नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने सिन्धी समुदाय को आर्थिक उद्यमिता और संस्कृति से गहरे जुड़कर आगे बढ़ने वाला समाज बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को उद्यमिता के माध्यम से आगे बढ़ाने में सभी समुदायों का सहयोग लिया जायेगा। श्री चौहान ने सिन्धी समाज के धर्मगुरूओं और शहीदों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि संस्कृति और सभ्यता को जीवित रखने से ही देश गतिमान बना रहेगा। उन्होंने कहा है कि जनकल्याण का कोई भी कार्य असंभव नहीं है। मध्यप्रदेश के पिछड़ेपन को दूर करना असंभव सा लगता था लेकिन आज मध्यप्रदेश विकास के कई क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य है। चाहे विकास दर में, कृषि विकास दर में आगे हो या चौबीसों घंटे बिजली देने की बात हो। हर क्षेत्र में प्रदेश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य सत्ता प्राप्त करने से ज्यादा लोगों की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निवास में चैती चांद महोत्सव हर साल मनाया जायेगा। संत हिरदाराम के शिष्य सिद्धभाऊ ने मुख्यमंत्री को आधुनिक समय का योगी बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुशासन लाने के लिये समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि शासन करने का अधिकार उसे है जो निःस्वार्थ एवं समर्पण भाव से लोक सेवा के लिये हमेशा तत्पर रहता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को शिवराजसिंह चौहान जैसे समर्पित और लोकसेवी मुख्यमंत्री का नेतृत्व मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री की अनुपम लोक कल्याणकारी योजनाओं की सराहना की। विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी ने कहा कि सिन्धी समाज ने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि विचारधारा के प्रति आस्था के लिए उन्होंने विभाजन का कष्ट और पीड़ा भी भोगी है। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास में चैती चांद कार्यक्रम के आयोजन के लिए सिन्धी समाज की ओर से मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री निवास से सर्वधर्म समभाव की विरासत को और ज्यादा समृद्ध बनाने की स्वस्थ्य परंपरा शुरू करने के लिए सिन्धी समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री का सम्मान किया। इस अवसर पर भगवान झूलेलाल के अवतार लेने और सिन्धी संस्कृति को रेखांकित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई। दमादम मस्त कलंदर‘ की प्रस्तुति देने वाले नृत्य समूह की प्रस्तुति की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को पच्चीस हजार रुपये नगद राशि पुरस्कार देने की घोषणा की। इसी प्रस्तुति के लिये सिन्धी साहित्य अकादमी की ओर ग्यारह हजार रुपये देने की घोषणा की गई। कार्यक्रम में सुश्री अनिला सुन्दर एवं उनके दल ने सिन्ध प्रांत की संस्कृति को बैले में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मातृ शक्ति की उपासना पर आधारित गीत संगीत की प्रस्तुति हुई। इस अवसर पर महन्त चंद्रमादास, ज्ञानी दिलीप सिंह, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी, श्रीमती साधना सिंह चौहान उपस्थित थीं। लेखक श्री अशोक मनवानी ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन किया।

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