केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही ऐसा हे, जो हमारे दुः खो को सदा के लिए नष्ट कर सकता है। - स्वामी विवेकानंद



धर्म और समाज

सत्संग से इंसान का जीवन सफल होता है
04/15/2013 04:19PM

नई दिल्ली।। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वावधान में तिकोना पार्क, शक्ति नगर में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के अवसर पर विदुषी अदिति भारती ने कहा कि अनंत सृष्टि की उत्पत्ति शिव और शक्ति का ही योग है। प्रकृति, पुरुष या ईश्वर का अर्धनारीश्वर रूप इसी तथ्य का द्योतक है। उसी शक्ति रूपी ज्योति का दर्शन ही मानव जीवन का लक्ष्य है। उसे ही प्राप्त करने का प्रयास करना है। उत्तराखंड दुर्गा मंदिर प्रेम नगर, लोदी कॉलोनी में सत्संग के अवसर पर पंडित जीवानंद शास्त्री ने कहा कि जब जीव ईश्वर के सम्मुख होता है, तो उसमें स्वत: ही सद्गुण आते जाते हैं। संसार के सम्मुख होने पर तो दुर्गुण ही आते हैं। सनातन धर्म शिव मंदिर पुष्प विहार, साकेत में श्री राम कथा सुनाते हुए मानस मधुकर कौशल किशोर मिश्र ने कहा कि सत्संग ही जीवन के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण वस्तु है। सत्संग से व्यक्ति का जीवन सार्थक व सफल हो जाता है। संस्कार ऐसा जल है, जिससे एक पौधा वृक्ष का रूप धारण कर लेता है।

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