केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही ऐसा हे, जो हमारे दुः खो को सदा के लिए नष्ट कर सकता है। - स्वामी विवेकानंद



करियर जगत

ज्ञान का पिटारा अब आपकी जेब में
04/15/2013 05:04PM

शिक्षा और ज्ञान ये दोनों ही शब्द एक-दूसरे के पूरक होते हैं। एक जगह ज्ञान की रोशनी चारो ओर फैलती है वहां विकास की किरणें अपने आप छटा बिखरने लगती हैं। ज्ञान का विस्तार करते-करते इंसान पिछले 100 बरसों में कितनी तरक्की कर चुका है, आप इसका अंदाजा कर सकते हैं। आज के इस तकनीकी दौर में आये दिन नयी-नयी चीजें सामने आ रही हैं। जैसे कि आपने पढने को शौक को आसानी से पूरा करते हैं आजकल किताबें भी धीरे-धीरे आधुनिक होती जा रही हैं और अब उनके लिए आपको ज्ञान को विस्तार दे सकते हैं, ऎसे बहुत से मोबाइल एप्स आज के दौर में मौजूद हैं जिनसे आप अपने नॉलिज को विस्तार दे सकते हैं।

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